उत्तर रामायण - EP 6 - गुप्तचरों ने राम को दी महत्वपूर्ण सूचनाएं
Автор: Ramayan
Загружено: 2024-11-28
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"Uttar Ramayan - Episode 6 - Detectives give important information to Ram
राजमहल के भोजन कक्ष में सीता राम को सुबह का कलेवा परोसती हैं। भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न को कलेवा न दिये जाने पर भाभी देवरों के बीच मर्यादित हास परिहास होता है। द्वार प्रहरी की सूचना पर राम अपने मंत्रणा कक्ष में गुप्तचरों आर्य भद्र और आर्य सुभद्र से मिलते हैं। गुप्तचर सूचना देते हैं कि अयोध्या में मधुरा नगरी से एक बारात आयी हुई है। मधुरा के राजा लवणासुर की ननिहाल रावण के कुल में है। लवणासुर ने अपने कुछ गुप्तचर बाराती के रूप में भेजे हैं जो नगर में घूम घूम कर कुछ सूचनाऐं एकत्र कर रहे हैं। राम आदेश देते हैं कि बारात जब लौटे तब डोली डठाने वाले कहारों में अयोध्या के कुछ गुप्तचर शामिल करा दो ताकि वो मधुरा के राजा लवणासुर के इरादों का भेद ला सकें। दूसरा गुप्तचर राम को दो सूचनाएं देता है। पहली यह कि प्रजा कर बढ़ने की सम्भावना से चिन्तित है, और दूसरी यह कि बीती रात पति द्वारा घर से निकाली हुई एक स्त्री न्याय माँगने राजमहल के द्वार पर आयी थी लेकिन प्रहरी ने उसे अगले दिन आने के लिये बोलकर वापस भेज दिया। बाद में राम राज दरबार में अपनी कर नीति की घोषणा करते हैं और प्रजा पर कर का भार न बढ़ाने की घोषणा करते हैं। राम न्याय माँगने आयी स्त्री को वापस लौटाने पर मंत्री सुमन्त से अपनी नाराजगी प्रकट करते हैं। राम कहते हैं कि देर से मिला न्याय नहीं होता। राम पीड़ित स्त्री को तत्काल खोजने करने की आज्ञा देते हैं और दोषी प्रहरी को निलम्बित कर देते हैं। उधर महर्षि वाल्मीकि अपने आश्रम में सरस्वती वन्दना के साथ रामायण की रचना प्रारम्भ करते हैं।
उत्तर रामायण में लव कुश की कहानी को दर्शाया गया है। जिसमें माँ सीता को श्री राम त्याग देते हैं और माँ सीता महाऋषि वाल्मीकि के आश्रम में जाकर रहने लगती हैं। माँ सीता वहाँ लव कुश को जन्म देती हैं। लव कुश उसी आश्रम में बड़े होते हैं और गुरु वाल्मीकि से शिक्षा दीक्षा लेते हैं। कैसे लव कुश श्री राम और माँ सीता को मिलाते हैं देखे सम्पूर्ण उत्तर रामायण के सभी एपिसोड सिर्फ़ तिलक YouTube चैनल पर।
रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी।
इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है।
निर्माता और निर्देशक - रामानंद सागर
सहयोगी निर्देशक - आनंद सागर, मोती सागर
कार्यकारी निर्माता - सुभाष सागर, प्रेम सागर
मुख्य तकनीकी सलाहकार - ज्योति सागर
पटकथा और संवाद - रामानंद सागर
संगीत - रविंद्र जैन
शीर्षक गीत - जयदेव
अनुसंधान और अनुकूलन - फनी मजूमदार, विष्णु मेहरोत्रा
संपादक - सुभाष सहगल
कैमरामैन - अजीत नाइक
प्रकाश - राम मडिक्कर
साउंड रिकॉर्डिस्ट - श्रीपाद, ई रुद्र
वीडियो रिकॉर्डिस्ट - शरद मुक्न्नवार
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