श्री कृष्ण और बलराम जन्म कथा | श्री कृष्ण महाएपिसोड
Автор: Shree Krishna
Загружено: 2024-10-02
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कंस देवकी के सातवें गर्भ की सूचना से ही भयभीत रहने लगता है। वह चाणूर को कारागार में जाकर जाँच करने को कहता है लेकिन उसे कारागार में कुछ भी असामान्य नहीं लगता है। वह कंस से कहता है कि जो डर पहले देवकी के चेहरे में रहता था, वह डर अब कंस के चेहरे में दिखने लगा है। वह पुनः कंस को इस डर की स्थिति से निकलने के लिये देवकी का वध करने के लिये कहता है लेकिन कंस को कारागार के साँप से डर लगता है। इधर रोहिणी पुत्र संकर्षण (बलराम) को जन्म देती है। देवी-देवताओं द्वारा फूलों की वर्षा की जाती है। कंस जो कि विष्णु के डर से सो भी नहीं पाता है, हर जगह विष्णु के होने का आभास उसे परेशान करने लगता था तो कभी उसे लगता है कि चाणूर की सलाहनुसार वह देवकी का मार दे, तो कभी उसे लगता है कि देवकी का मारने उसकी वीरता पर प्रश्न लग जायेगा। उसकी मनोस्थिति बिगड़ जाती है। नारद जी भगवान कृष्ण से प्रश्न करते है कि जिस तरह कंस हम समय उनका ध्यान करता है उसे फलस्वरूप से उसे भगवान आपकी प्राप्ति हो जायेगी तो इस प्रकार से एक भक्त और एक महापापी में क्या अन्तर रह गया है। विष्णु जी नारद को बताते है कि जो जिस भाव से उनका ध्यान करेगा उसे उसी रूप में प्राप्त होते है। भक्तों को उनसे सुख, आनंद व प्रेम रस प्राप्त होता है और कंस उन्हें शत्रु के रूप में ध्यान करता है इसलिये उसे वह शत्रु के रूप में प्राप्त होंगे। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान विष्णु वासुदेव व देवकी के स्वप्न में आते है तथा उनको विस्तारपूर्वक बताते है कि स्वायम्भुव मन्वन्तर में वह दोनों सुतपा और पृश्नि थे और उन्होंने घोर तपस्या कर भगवान विष्णु से उनके समान पुत्र की इच्छा प्रकट की, तब भगवान ने इन्हें वर दिया था कि वे तीन बार इनके पुत्र बनेंगे। सर्वप्रथम वह उनकी संतान भगवान पृश्निगर्भ के रूप जन्में। सुतपा और पृश्नि ने जब दूसरा जन्म कश्यप और अदिति के रूप में पाया तब इन्हें वामन देव के रूप में संतान प्राप्ति हुई। अब द्वापरयुग में उनके तीसरी बार पुत्र के रूप में जन्म लेने का समय आ गया है। भगवान के अंतर्धान होते ही श्रीकृष्ण का जन्म होता है। उसी वक्त देवी योगमाया वासुदेव के स्वप्न में आकर कहती हैं कि कंस के आने से पहले वह बालक को लेकर गोकुल यशोदा के पास ले जाये व यशोदा ने अभी-अभी जिस बालिका को जन्म दिया उसको ले आये। साथ ही उन्हें बताती है कि उनकी माया यह सब कुछ उन्हें याद नहीं रहेगा। देवी की माया से वासुदेव की बेडियाँ खुल जाती है और कारागार के सैनिक बेहोश हो जाते है। वासुदेव बालक को सूप पर रखकर गरजदार बारिश में उफनाती हुई यमुना नदी के पार करने लगते है, बालक रक्षा हेतु स्वयं क्षीरसागर से शेषनाग उनका छत्र बन जाते है।
श्रीकृष्णा, रामानंद सागर द्वारा निर्देशित एक भारतीय टेलीविजन धारावाहिक है। मूल रूप से इस श्रृंखला का दूरदर्शन पर साप्ताहिक प्रसारण किया जाता था। यह धारावाहिक कृष्ण के जीवन से सम्बंधित कहानियों पर आधारित है। गर्ग संहिता , पद्म पुराण , ब्रह्मवैवर्त पुराण अग्नि पुराण, हरिवंश पुराण , महाभारत , भागवत पुराण , भगवद्गीता आदि पर बना धारावाहिक है सीरियल की पटकथा, स्क्रिप्ट एवं काव्य में बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ विष्णु विराट जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे सर्वप्रथम दूरदर्शन के मेट्रो चैनल पर प्रसारित 1993 को किया गया था जो 1996 तक चला, 221 एपिसोड का यह धारावाहिक बाद में दूरदर्शन के डीडी नेशनल पर टेलीकास्ट हुआ, रामायण व महाभारत के बाद इसने टी आर पी के मामले में इसने दोनों धारावाहिकों को पीछे छोड़ दिया था,इसका पुनः जनता की मांग पर प्रसारण कोरोना महामारी 2020 में लॉकडाउन के दौरान रामायण श्रृंखला समाप्त होने के बाद ०३ मई से डीडी नेशनल पर किया जा रहा है, TRP के मामले में २१ वें हफ्ते तक यह सीरियल नम्बर १ पर कायम रहा।
Produced - Ramanand Sagar / Subhash Sagar / Pren Sagar
निर्माता - रामानन्द सागर / सुभाष सागर / प्रेम सागर
Directed - Ramanand Sagar / Aanand Sagar / Moti Sagar
निर्देशक - रामानन्द सागर / आनंद सागर / मोती सागर
Chief Asst. Director - Yogee Yogindar
मुख्य सहायक निर्देशक - योगी योगिंदर
Asst. Directors - Rajendra Shukla / Sridhar Jetty / Jyoti Sagar
सहायक निर्देशक - राजेंद्र शुक्ला / सरिधर जेटी / ज्योति सागर
Screenplay & Dialogues - Ramanand Sagar
पटकथा और संवाद - संगीत - रामानन्द सागर
Camera - Avinash Satoskar
कैमरा - अविनाश सतोसकर
Music - Ravindra Jain
संगीत - रविंद्र जैन
Lyrics - Ravindra Jain
गीत - रविंद्र जैन
Playback Singers - Suresh Wadkar / Hemlata / Ravindra Jain / Arvinder Singh / Sushil
पार्श्व गायक - सुरेश वाडकर / हेमलता / रविंद्र जैन / अरविन्दर सिंह / सुशील
Editor - Girish Daada / Moreshwar / R. Mishra / Sahdev
संपादक - गिरीश दादा / मोरेश्वर / आर॰ मिश्रा / सहदेव
Cast / पात्र
Sarvadaman D. Banerjee
सर्वदमन डी. बनर्जी
Swapnil Joshi
स्वप्निल जोशी
Ashok Kumar
अशोक कुमार बालकृष्णन
Deepak Deulkar
दीपक डेओलकर
Sanjeev Sharma
संजीव शर्मा
Pinky Parikh
पिंकी पारिख
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