बाला जी महाराज के मंदिर कहाँ कहाँ हैं? उनका इतिहास क्या हैं?
Автор: DIVINETALKS
Загружено: 2026-01-19
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भारत में 'बालाजी' के नाम से मुख्य रूप से दो प्रसिद्ध स्वरूपों की पूजा की जाती है। आपकी रुचि किसमें है, यह स्पष्ट करने के लिए मैं दोनों का संक्षिप्त इतिहास नीचे दे रहा हूँ:
1. भगवान तिरुपति बालाजी (आंध्र प्रदेश)
इन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है और यह दुनिया के सबसे अमीर और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है।
• पौराणिक कथा: मान्यता है कि जब भृगु ऋषि ने भगवान विष्णु के हृदय पर प्रहार किया था, तो माता लक्ष्मी रुष्ट होकर वैकुंठ त्याग कर पृथ्वी पर आ गईं। उन्हें खोजने के लिए विष्णु जी ने 'श्रीनिवास' के रूप में अवतार लिया।
• पद्मावती से विवाह: धरती पर श्रीनिवास का विवाह राजा आकाशराज की पुत्री पद्मावती से हुआ। कहा जाता है कि इस विवाह के खर्च के लिए उन्होंने कुबेर से भारी कर्ज लिया था।
• कर्ज चुकाने की परंपरा: भक्त आज भी जो दान देते हैं, उसे उसी कर्ज की अदायगी माना जाता है। इसी कारण यहाँ भक्त श्रद्धापूर्वक सोना और धन अर्पित करते हैं।
• कलियुग के देवता: इन्हें 'कलियुग' का प्रत्यक्ष देवता माना जाता है जो अपने भक्तों के कष्टों को तुरंत हर लेते हैं।
2. मेहंदीपुर/सालासर बालाजी (राजस्थान)
राजस्थान में 'बालाजी' शब्द का प्रयोग हनुमान जी के बाल स्वरूप के लिए किया जाता है।
• मेहंदीपुर बालाजी: यहाँ हनुमान जी की मूर्ति किसी कलाकार ने नहीं बनाई, बल्कि यह अरावली की पहाड़ियों में स्वयं प्रकट हुई थी। यह स्थान विशेष रूप से नकारात्मक शक्तियों (भूत-प्रेत) से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है।
• सालासर बालाजी: यहाँ हनुमान जी दाढ़ी-मूंछ वाले रूप में विराजमान हैं। इसकी स्थापना भक्त शिरोमणि मोहनदास जी ने की थी।
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