०९८७
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०९९३ संसार क्या और मोक्ष क्या ?? भूतार्थबोधविमुख: प्रायः सर्वोपी संसार: !!
दिल से दिल तक | Epi #118 | Smt. Jaishree Bajaj | श्रीमती जयश्री बजाज | #DilSeDilTak | Part 1/4
168.2 Pu.Grudevshri Kanjiswami’s Pravachan
०९९२ संवर प्रगट करने का उपाय क्या ?? शक्ति में से व्यक्ति कैसे प्रगट हो ??
Запомните! Все болезни из-за ВОСПАЛЕНИЯ кишечника! Об этом молчат врачи. Наталья Кэмпбелл-МакБрайд
आत्मन् कलरव | बाल ब्र. पण्डित रवीन्द्र जी 'आत्मन्' | आध्यात्मिक पाठ संग्रह
नवाचार :- जीते जी किया तेरहवां
०९८८ धन्य ते मुनिदशा ! भावलिंगी मुनिराजों का स्वरूप !
Yogsar 190 साधु की वृति कैसी होती है
300 समयसार ( वाचना ) गाथा - 157, 158, 159
#259. ईहा संबंधित विस्तृत चर्चा Part - 2 | श्री कु. सा. वसदि, शिखर जी, दोपहर. 15.01
13/01/26"श्री मोक्षमार्ग प्रकाशक जी" चौथा अधिकार मिथ्याज्ञान का स्वरूप आ.पं.श्री राजेंद्र जी जबलपुर
०९९१ जिसे स्वरूप की आसक्ति हो गई उसे जगत की आसक्ति नहीं रही ! नित्य का निर्णय अनित्य करता है !
ध्यान सम्बन्धित विशेष खुलासा 👌🏻👍🏻🙏🏻 || डाॅ.हुकमचंद जी भारिल्ल || #dhyan #meditation #jainism
299 समयसार ( वाचना ) कलश -106,107,108
०९८६ सूखी होने के लिए जीवन में प्रयोजन किसका रखना ?? विभाव का रस कैसे मिटे ??
404 संयम प्रकाश ध्यान से कर्म बिना फल दिये👍👌
०६४८ निज के आश्रय बिना स्वयं के अपराध से विकार पर्याय हुआ है ,इसलिए पुद्गल कृत ही है।।
301 समयसार ( वाचना ) गाथा - 160
ЛЕОНИД ФИЛАТОВ знал ВСЁ о советском театре! Высоцкий, Демидова, Золотухин - тайны ШОКИРУЮТ!