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०६४८ निज के आश्रय बिना स्वयं के अपराध से विकार पर्याय हुआ है ,इसलिए पुद्गल कृत ही है।।
०९९२ संवर प्रगट करने का उपाय क्या ?? शक्ति में से व्यक्ति कैसे प्रगट हो ??
जरूर सुन लें आज भी नही समझे तो पछताओगे !! ऐसे करें श्रद्धा और चारित्र का समन्वय
ДНК евреев – одно из генетических чудес света
नवाचार :- जीते जी किया तेरहवां
एक संदेश तुम्हारे लिए | आत्मचिंतन और सत्य | Bhakti by Thaman
०९८२ उपयोग का सदुपयोग कर के सम्यक् सन्मूखता प्राप्त कर के सम्यक् दर्शन की प्राप्ति की विधि !
73 मोक्षमार्ग प्रकाशक Live वेदनीय कर्म के उदय से सुख दुःख Page 58
०९८८ धन्य ते मुनिदशा ! भावलिंगी मुनिराजों का स्वरूप !
ЛЕОНИД ФИЛАТОВ знал ВСЁ о советском театре! Высоцкий, Демидова, Золотухин - тайны ШОКИРУЮТ!
०९९१ जिसे स्वरूप की आसक्ति हो गई उसे जगत की आसक्ति नहीं रही ! नित्य का निर्णय अनित्य करता है !
Yogsar 190 साधु की वृति कैसी होती है
०९८७ ज्ञान स्वभाव की महिमा ! सब कुछ तेरे अंदर भरा है ! बाहर कुछ भी नहीं !
राग द्वेष मोह कैसे छोड़ें | जानना आसान है, छोड़ना कठिन | समयसागर जी महाराज | Samaysagar Ji Maharaj
#254. मतिज्ञान के भेद - अवग्रह, ईहा, अवाय, धारणा | श्री कु. सा. वसदि, शिखर जी, सुबह. 13.01
नये साल 2026 की शुरुआत इस अनोखे तरीके से करें | Start the New Year 2026 in this way | Bhante Nirodh
#आचार्यश्री #विद्यासागरजी के #समाधिस्थल #चंद्रगिरी #पहुंच #क्या #बोले #जैन #आचार्य #विशुद्ध सागरजी
सतगुरु गृहस्थ संत श्री हजारीलाल जी गहलोत जैतारण सत्संग :- 09/01/26 दोपहर
विषम परिस्थितियों में भी समता भाव का आनंद लेने के लिए इसे सुने -द्रव्य संग्रह
०९९० तत् समय की पर्यायगत योग्यता ! निश्चय रत्नत्रय की पर्याय से केवलज्ञान प्रगट नहीं होता !