Nijdham
पचवीस पख छे आपणां, तेमां कीजे रंग विलास ।
प्रगट कह्यां छे पाधरा, तमे ग्रहजो सहु साथ ।। ૭९।।१ रास ग्रन्थ
दिव्य परमधाम के पच्चीस पक्ष हमारे लिए हैं ,इनमें आनंद विलास कीजिए ।परमधाम के पच्चीस पक्षों कि शोभा को आप ह्रिदय में धारण कीजिए ।परमधाम के पच्चीस पक्ष ही हमारी वास्तविक सम्पत्ति हैं ।परमधाम के पच्चीस पक्षों में धाम धनि ,पूर्ण ब्रह्म परमात्मा के साथ रमण कीजिए ,अखंड सुख लीजिए ।
श्री राज–श्यामा जी की नीलो–पीलो मंदिर में नूरी सुखसेज लीला।DAY :-13
हक़ श्री राज के आभूषण ।पोहोंची अँगूठियाँ ।श्री सिनगार ग्रंथ ।हक़ महबूब के भूषण । प्र-18 चौ :-31-38
Shri Raj .Hak Shri Raj .Shrvan Ang Me Bala .Meditation .chitvan
श्री राज-श्यामा जी की राज भोग लीला ।DAY :-12
तीजी भोम की नूरमयी लीला — श्रीराज-श्यामा जी का श्रृंगार, हास्य और आरोग DAY :-11
हक़ श्री राज के आभूषण और पाग पर कलंगी-दुगदुगी की दिव्यता
Mithi Mithi Chitvan .Shri Raj Shyama Ji .
हक़ श्री राज जी के वस्त्र अंग । MEDITATION । मीठी मीठी चितवन ।
श्री रंगमहल की लीला-दर्शन — श्रीराज श्यामा जी के श्रृंगार, क्रीड़ा और आरोग की अमृतमयी झांकी DAY :-10
श्री रंगमहल धाम की नूरी रसोई, श्रृंगार और लीला-भूमि का दिव्य दर्शन।DAY :-9
श्री रंगमहल धाम की अलौकिक शोभा और वनों की लीला-दर्शन।DAY :-8
श्री कुंज-निकुंज की नूरमयी रमण भूमि और हौज़-ए-कौसर के दिव्य दर्शन।DAY :-7
श्री पुखराज पहाड़ में प्रवेश श्री दक्षिण दिशा की उजागर नहर sarlta se
श्री पुखराज पहाड़ की तरहती में प्रवेश।हज़ार हाँस ।हज़ार गुर्ज ।बड़ी वृत्त से
श्री पुखराज पहाड़ में प्रवेश श्री दक्षिण दिशा की उजागर नहर sarlta se
श्री पुखराज पहाड़ में प्रवेश श्री दक्षिण दिशा की उजागर नहर बड़ी वृत्त से
श्री जमुना जल की नूरमयी शोभा और हौज़-ए-कौसर की ओर जाता दिव्य पथ।DAY :-6
अद्वैत धाम की दिव्य झांकी — श्री राजजी के प्रेम-विलास का पारावार।DAY :-5
हक़ श्री राज जी के श्रवण अंग MEDITATION
श्री केल का मूल विस्तार से बड़ी वृत्त से REVISION
SHRI KEL MUL REVISION ASAANI SE
SHRI KEL MUL ,MADHUVAN SHOBHA ASAANI SE
पावन आरंभिक मंगलाचरण |श्री परिक्रमा ग्रंथ सहूर।DAY :4
प्रेम खोल देवे सब द्वार, पार के पार जो पार |श्री परिक्रमा ग्रंथ सहूर।#shriraj DAY :-3
इश्क़ — आत्मा और साहिब का अखंड मिलन। श्री परिक्रमा ग्रंथ सहूर।DAY :-2
श्री राज–श्यामा जी की नवरंग बाई संग निरत लीला — चौथी भोम की हवेली में नूरमयी रास।DAY :-14
दिव्य प्रेम की गहराई । श्री परिक्रमा ग्रंथ सहूर।DAY :-1
SHRI 16 PAHAL KA CHEHEBACHCHA SHOBHA ASAANI SE
श्री ईशान कोण का सोलह पहल चहबच्चा ।विस्तार से बड़ी वृत्त से
SHRI CHANDNI CHOUK ,DAS MANDIR KA HANS -MITHA REVISION