हक़ श्री राज के आभूषण ।पोहोंची अँगूठियाँ ।श्री सिनगार ग्रंथ ।हक़ महबूब के भूषण । प्र-18 चौ :-31-38
Автор: Nijdham
Загружено: 2025-11-26
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इस दिव्य प्रकरण में श्री राजजी के नूरी आभूषणों, अँगूठियों, और महबूब स्वरूप के भूषणों का अत्यंत मधुर, सूक्ष्म और अलौकिक वर्णन मिलता है।
यह वर्णन हमें परमधाम की उस अनंत दिव्यता में ले जाता है जहाँ—
श्री राजजी का प्रत्येक भूषण स्वयं नूर से बना हुआ है, स्वयं प्रकाशमान है, और अनगिनत रंगों की झलकें देता है।
✨ मुख्य बिंदु
श्री राजजी के अंगों पर सजे हुए नूरी भूषण अनंत प्रकाश से भरे हैं।
पोहोंची अनेक प्रकार के रंगों और नूर से युक्त हैं।
हर अँगूठी में अलग नूरी चमक, अलग प्रेम, और अलग रस छिपा है।
🌼 इस प्रकरण का आध्यात्मिक संदेश
श्री राज के आभूषण हमें यह अनुभव देते हैं कि
परमधाम में हर वस्तु स्वयं नूर है, स्वयं प्रेम है, स्वयं चेतन है।
इन भूषणों का स्मरण आत्मा में दिव्यता, पवित्रता और प्रेम का आलोक जगाता है।
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